Raguram Rajan ,Books, Awards And Details

  Raguram Rajan ,Books, Awards And Details :- रघुराम राजन जी भोपाल मध्य प्रदेश से संबंध रखते हैं उनके जन्म 1tamil परिवार में 3 फरवरी 1963 को भोपाल में हुआ उनके दो भाई और एक बहन है

उनके पिताजी का नाम और गोविंदराजन था और वह एक  गुप्त चर अर्थात RAW  के अधिकारी थे पैलेस में कार्यरत थे लेकिन 1968 में RAW  की नई बनाई गई टीम में शामिल हो गए

जिस कारण वह कई देशों में गए जैसे उत्तर के समय श्रीलंका में बेल्जियम में और फिर अन्य देशों में इसी आवाजाही के कारण रघुराम राजन  का पढ़ाई का 1 वर्ष खराब हो गया इस सब के बाद में भारत वापस लौट आए

और आगे की शिक्षा यही कि उन्होंने 1985 में इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग कि उन्होंने इस में गोल्ड मेडल प्राप्त किया

Raguram Rajan ,Books, Awards And Details

Raguram Rajan जी द्वारा प्राप्त उपाधियां

  1. master of Business Administration –  भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद द्वारा 1987 में दी गई
  2. Daktrat – लंदन बिजनेस स्कूल 2012
  3. Daktrat –  हांगकांग विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय 2015
  4. Daktrat – यूनिवर्सिटी कैथोलिक डी Lovain

रघुराम राजन जी द्वारा प्राप्त पुरस्कार

  1. फीसर ब्लैक पुरस्कार 2003
  2. ग्लोबल इंडियन 2010
  3.  इंफोसिस 2011
  4.  पांचवी Deutsche Bank  2013
  5.  गवर्नर ऑफ द ईयर अवार्ड 2014
  6.  यशवंतराव चौहान राष्ट्रीय पुरस्कार 2018

 रघुराम राजन जी की शिक्षा

 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद में फिर भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली और आखिर में उन्होंने Massachuset Institute Of Technology  पीएचडी की पढ़ाई की

 रघु राम जी की कुछ  मुख्य जानकारियां

  1.  नागरिकता = भारतीय 
  2.  पत्नी= राधिका पुरी राजन
  3.  बड़े भाई=  अमेरिका में सोलर कंपनी में कार्यरत
  4.  बहन= दिल्ली में फ्रांसीसी अध्यापक
  5.  बहन के पति=  भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत
  6.  छोटे भाई (मुकुंद राजन) =  टाटा संस के ब्रांड कोडीएम और चीफ ऑफिसर
  7.  भोजन =  शाकाहारी
  8.  पसंदीदा खेल =  टेनिस

 रघुराम राजन जी द्वारा लिखित मुख्य पुस्तकें व लेख

  1. Saving Capitatism From The Capitatists (2004)
  2. Fault Lines: How Hidden Fractures Still Threaten the World Economy(2010)
  3. I Do What I Do (2017)
  4. The Third Pillar : How The State And Markets Are Leaving Communities Behind (2019)
  5. What The Economy Needs Now (2019)

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रघुराम राजन जी का कार्यकाल

सबसे पहले उन्होंने बोर्ड स्कूल ऑफ बिजनेस शिकागो में वित्त फाइनेंस के एक सहायक प्रोफेसर के रूप में अपना कार्य प्रारंभ किया और 1995 के आते आते वह एक सहायक प्रोफेसर से एक प्रोफ़ेसर बन गए बाद में उन्होंने कुछ पूछे सुना है मैं अन्य बहुत जगह पर पढ़ाया

  इसके बाद एक बार को अमेरिकन फाइनेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष बने यह 2011 का समय था 2009 में वह अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंस के सदस्य के रूप में भी शामिल हुए वह ग्रुप ऑफ थर्टी के सदस्य के रूप में भी शामिल हुए उन्होंने ठान में इंडिया स्कूल ऑफ बिजनेस के संस्थापक सदस्य के रूप में शामिल हुए

 

 अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(International Monetary Fund)

 उनकी एक पुस्तक Saving Capitalism From The Capitalists  के कारण वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में आए उन्होंने उनकी विचारधारा को समझने से उन्हें आया

मैं का मुख्य अर्थशास्त्री बना दिया गया और उस पद पर काबिज होने वाले वह सबसे कम उम्र वाले व्यक्ति थे और उसमें उनकी उम्र केवल 40 वर्षीय थी उनका आई एम एस में कार्यकाल अक्टूबर 2003 से दिसंबर 2006 तक की रहा

 

भारतीय आर्थिक सलाहकार

 मोंटेक सिंह अहलूवालिया जो योजना आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे उन्होंने 2003 में कुछ सुधार करने के लिए एक समिति का निर्माण करवाया जिसके 12 सदस्यों में से राजन भी एक सदस्य थे

इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बड़े और विवादित मुद्दों को छोड़कर शो छोटे कदम वित्तीय सुधार के लिए उठाए जाए तो यह एक समान स्थिति उत्पन्न करेंगे विकास कि हरिद्वार विवादित रही छोटे शो कदमों को ध्यान केंद्रित करें इससे हमारा विकास होगा

    अगले वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने उनको मानक आर्थिक सलाहकार का पद दिया

 10 अगस्त 2012 को उन्हें वित्त मंत्रालय का मुख्य सलाहकार बना दिया गया उन्हें सरकार को खर्च व सब्सिडी में कटौती करने की सलाह दी और अन्य बहुत से  सलाह दी

 

 भारतीय रिजर्व बैंक में रघुराम राजन जी का कार्य

 2013 में 6 अगस्त को रघुराम जी राजन को भारतीय रिजर्व बैंक के 3 वर्ष के लिए गवर्नर पद का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया और  5 सितंबर को उन्हेंन  अपना पदभार संभाला

    जब उन्होंने अपना पहला भाषण दिया तो उनका प्रभाव यह था कि बीएसई सेंसेक्स में 333 अंक अर्थात 1.83% की वृद्धि हुई  इनके पहले दिन का कार्य समाप्त होने पर  अमेरिकी डॉलर के प्रति 2 पॉइंट 1 प्रतिशत से भारतीय रुपया मजबूत हुआ और

इसका बहुत बड़ा योगदान है रघुराम जी राजन का मुख्य उद्देश्य मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाया था और इस उद्देश्य में वह सफल भी हुए उन्होंने मुद्रा स्थिति में ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो कभी भी नहीं बनेंगे

  

  मई 2016 में प्रधानमंत्री को एक पत्र में सांसद सुब्रमण्यम स्वामी जी ने रघुराम राजन पर आरोप लगाया कि वह ब्याज की दरों को अधिक बढ़ा रहे हैं जैसे छोटे और मध्यम व्यापारियों को नुकसान हो रहा है

और वह भारतीय वित्तीय जानकारी को कहीं और भेज रहे हैं यह सभी गलत उन्होंने का संबोधन की आज्ञा मिल गई और 18 जून को उन्होंने आरबीआई का दूसरा गवर्नर कार्यकाल में सेवा करने की घोषणा कर दी फिर में शिकागो विश्वविद्यालय में लौट गई

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